आचार्य श्री विद्यासागर जी ने तत्त्वार्थ सूत्र, समयसार आदि के बाद मूलाचार पढ़ाया।
आ.श्री की चर्या ही मूलाचार थी (पहले प्रैक्टिकल दिखाए ताकि समझ में आए फिर थ्योरी पढ़ाई)।
मुनि श्री निकलंकसागर जी
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आचार्य श्री विघासागर महाराज जी ने पाठ्यक्रम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के पाठय़क्रम को अपनाना परम आवश्यक है।
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आचार्य श्री विघासागर महाराज जी ने पाठ्यक्रम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के पाठय़क्रम को अपनाना परम आवश्यक है।