पुरुषार्थ एवं भाग्य को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है, ताकि भाग्य भी सुधर सकता है। Reply
‘पुरुषार्थ’ aur ‘भाग्य’ ke difference ko bahut hi simple aur beautiful example se explain kar diya! Reply
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पुरुषार्थ एवं भाग्य को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है, ताकि भाग्य भी सुधर सकता है।
‘पुरुषार्थ’ aur ‘भाग्य’ ke difference ko bahut hi simple aur beautiful example se explain kar diya!