प्रमाद
प्रमाद जीतने के उपाय …
- विकथा –> शास्त्रानुसार भाषण या मौन।
- कषाय –> कलुषित भावों की निंदा करें/ क्षमा धारण करें।
- विषयासक्ति –> लोकनिंदा का ध्यान/ दुष्परिणाम पर विचार।
- निद्रा –> दुर्गति का शोक भाव/ सामूहिक स्वाध्याय करें।
- स्नेह –> बंधनों से आत्म-अहित का चिंतन करें।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (तत्त्वार्थ सूत्र/अध्याय – 8)



