अतिशय तो कभी-कभी होते हैं जबकि प्रातिहार्य केवलज्ञान होते ही भगवान की सेवा में आ जाते हैं और तब तक रहते हैं जब तक भगवान सिद्ध ना हो जाएँ। Reply
3 Responses
Iska reason explain karenge, please ?
अतिशय तो कभी-कभी होते हैं जबकि प्रातिहार्य केवलज्ञान होते ही भगवान की सेवा में आ जाते हैं और तब तक रहते हैं जब तक भगवान सिद्ध ना हो जाएँ।
Okay.