मद/ गारव

मद के लिए कारण चाहिए, गारव (ऋद्धि, रस, सात) के लिए नहीं।

  • आर्यिका श्री पूर्णमति माता जी के सान्निध्य में भगवती आराधना- श्र्लोक 299 का स्वाध्याय
  • आचार्य श्री विद्यासागर जी के उपदेशों को संपादित किया आर्यिका अकंपमति माताजी (12 दिसम्बर)

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5 Responses

    1. रस-गारव… जिसमें रस रिद्धि प्राप्त होने पर अच्छा-अच्छा फील हो।
      सात-गारव… सब कुछ ठीक चल रहा है/ साता है जीवन में इसके लिए अच्छा-अच्छा फील करना।
      यह मद का छोटा भाई है।

    1. अलग-अलग मत हैं, क्षमा सागर जी महाराज ने रस और सात को पर्यायवाची कहा है जबकि जिनेंद्र सिद्धांत कोष में रस का नाम ही नहीं, शब्द गारव आ गया उसकी जगह। माताजी ने जो रस दिया है… रस में आनंद आता होगा, रस लेके खाने में आनंद आता होगा।

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