माला फेरना
माला फेरने में मन नहीं लगता क्या करें ?
माला फेरने के तरीके बदलें – मानसिक, वाचनिक, उपांशु(होठ चलाना), श्वाच्छोसवास के साथ णमोकार पढ़ना। सांस लेते समय पहले तीन पद, छोड़ते समय आखिरी के तीन पद। अभ्यास बहुत हो जाने पर णमोकार श्वाच्छोसवास में ऐसा रम जाएगा कि पुरुषार्थ करना नहीं पड़ेगा, आदत बन जाएगी।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 4 मार्च)




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माला फेरने का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः माला में णमोकार मंत्र को श्र्वच्छोवास से पढना परम आवश्यक है।