आचार्य श्री विद्यासागर जी ने मुनियों को संघ से बाहर भेजते समय पूछा – नई जगह जाकर क्या करोगे ?
एक घंटा आहार/ प्रवचन के अलावा अपने में रहेंगे।
आचार्य श्री – मोक्षमार्ग प्रशस्त बना रहेगा।
मुनि श्री विनम्रसागर जी
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4 Responses
मुनिचर्या का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। मुनियों को अपने में ही लीन रहना परम आवश्यक है।
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मुनिचर्या का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। मुनियों को अपने में ही लीन रहना परम आवश्यक है।
Acharya shri , wahi expect kar rahe the na jo answer diya gaya ? Ise clarify karenge,
please ?
सही तभी तो उन्होंने बोला मोक्ष मार्ग प्रशस्त बना रहेगा।
Okay.