लोरी
संसारी माँ बच्चों को लोरी सुलाने के लिये सुनाती है।
धर्म-माँ* बड़ों को जगाने के लिये।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
*जिनवाणी (धार्मिक ग्रंथ)/ गुरु-वाणी।
संसारी माँ बच्चों को लोरी सुलाने के लिये सुनाती है।
धर्म-माँ* बड़ों को जगाने के लिये।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
*जिनवाणी (धार्मिक ग्रंथ)/ गुरु-वाणी।
One Response
लोरी को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए, लोरी के लिए जिनवाणी एवं गुरु वाणी सुनना परम आवश्यक है।