शिक्षक / गुरू
शिक्षक वह सिखाता है, जो वह जानता है,
गुरु वह उपदेश देता है, जो वह होता है ।
मुनि श्री सुधासागर जी
शिक्षक वह सिखाता है, जो वह जानता है,
गुरु वह उपदेश देता है, जो वह होता है ।
मुनि श्री सुधासागर जी
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गुरु शब्द का अर्थ महान् है।लोक में शिक्षक व माता पिता को गुरु कहते हैं। मोक्ष मार्ग में आचार्य, उपाध्याय और साधु ये तीन गुरु है।अर्हंन्त भगवान् त्रिलोक गुरु है। शिष्य को जिन दीक्षा देने वाले आचार्य को गुरु कहते हैं जो प्रायश्चित आदि देकर शिष्य को दोष मुक्त करते हैं व शिष्य का पोषण करतें हैं।
अतः उक्त कथन सत्य है कि शिक्षक वहीं सिखाता है,जो वह जानता है। गुरु जो उपदेश देते हैं,जो वह होते हैं।