जब तक बाह्य दृष्टि रहेगी, अंतरंग पर दृष्टि/ आत्मानुभूति कैसे हो सकती है ?
श्रावक बाह्य से दृष्टि हटा नहीं सकता।
चिंतन
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श्रावक/आत्मानुभव को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए श्रावक को ब़ाम्ह दृष्टि को छोड़कर अ़तरग दृष्टि की ओर जाना परम आवश्यकता है।
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श्रावक/आत्मानुभव को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए श्रावक को ब़ाम्ह दृष्टि को छोड़कर अ़तरग दृष्टि की ओर जाना परम आवश्यकता है।