साक्षी में नियम
नियम किस-किस की साक्षी में ले सकते हैं ?
स्वयं की साक्षी में – पर यह द्रढ़ता वाले लोगों को ही लेना चाहिए।
गुरु साक्षी – गुरु से अपनी कमजोरियों पर भी चर्चा कर सकते हो।
अरिहंत साक्षी – मुनिराज ऐसा ही करते हैं।
सिद्ध साक्षी – अरिहंत भगवानों के लिए।
सामान्य व्यक्ति भी किसी को भी साक्षी बनाकर नियम ले सकता है।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 4 मार्च)




6 Responses
साक्षी मे नियम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए नियम को गुरुओं अथवा भगवान की साक्षी मे लेना परम आवश्यक है।
‘अरिहंत भगवान’, ‘Siddhon’ ko saakshi maankar kaise niyam lete hain ? Ise clarify karenge, please ?
सिद्ध जैसा बनने का संकल्प लेते हैं।
‘सामान्य व्यक्ति भी किसी को भी साक्षी बनाकर नियम ले सकता है।’ Is statement me pehle 4 options ki hi baat ho rahi hai na ? Ise clarify karenge, please ?
सही।
Okay.