हलका होना

पहाड़ पर चढ़ते समय गुरु ने शिष्य के सिर पर वज़न रख कर दिया। शिष्य को परेशानी हो रही थी, तब गुरु ने वज़न हटवा दिया।
कारण बताया… हलका होने का महत्व समझाने को वज़न रखवाया था।
सोचो… जब अंतरंग का वज़न हलका हो जायेगा तब कितना अच्छा लगेगा !

आर्यिका श्री दृढ़मति माताजी

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2 Responses

  1. आर्यिका दृणमती माता जी का हलका होने का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है! जीवन में अंतरंग में हलका होना परम आवश्यक है ताकि जीवन का कल्याण हो सकता है! जीवन में सिर्फ आत्मा पर निर्भर हो जाना पर किसी प़कार का वजन नहीं लगेगा!

  2. झंझट जीवन के सभी,
    होते तन पर बोझ।
    इन्हें हटाने के लिए,
    चहिए ऊंची सोच।।

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