हार का कारण
दुर्योधन के पास बड़ी सेना, दोनों गुरु, बड़े-बड़े गुरुजन, फिर भी हारा।
कारण ?
गुरुजनों से चाहता था।
पांडव गुरुजनों को चाहते थे।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
दुर्योधन के पास बड़ी सेना, दोनों गुरु, बड़े-बड़े गुरुजन, फिर भी हारा।
कारण ?
गुरुजनों से चाहता था।
पांडव गुरुजनों को चाहते थे।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
4 Responses
हार का कारण का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए हार से बचने के लिए गुरुओं पर श्रद्धान रखना परम आवश्यक है।
Dronacharya ke baare me to pata hai. Unke doosre guru kaunse the ? Yeh clarify karenge,
please ?
द्रोणाचार्य शस्त्र सिखाते थे, कृपाचार्य धर्म और नीति।
Okay.