Month: January 2026
सम्यग्दर्शन
क्या सम्यग्दर्शन के बिना भी धर्म हो सकता है ? किसी लिफाफे पर पता लिखा ही न हो, तो क्या वह गंतव्य पर पहुँचेगा ?
आत्मा / परमात्मा
जब आत्मा और परमात्मा दोनों अंदर ही हैं तो उनके मिलने का रास्ता भी तो अंदर ही होगा न ! (मंजू रानीवाल)
मकर संक्रांति
आज के दिन(मकर संक्रांति) भरत चक्रवर्ती को सूरज के अकृतिम चैत्यालय की पूजा करने के लिए, आने में देर हो गयी। जल्दी में नदी में
जिंदा
हम शरीर से ही पूरे जिंदा दिखते हैं। मन से आधे (क्योंकि कोई भी हमारा मन तोड़ जाता है)। आत्मा से तो हम पूरे ही
मकर संक्रांति
🔹 आज पतंग नहीं, कर्मों को उड़ाओ। 🔹 किसी की पतंग मत काटो, अपने कर्म काटो। 🔹 ये कैसा मजा है जिसमें निरीह पक्षियों का
जैन दर्शन
इस दर्शन में समुद्र मंथन नहीं, कि पानी बिलोकर अमृत निकाल लो। मोक्ष, पुरुषार्थ से ही मिलेगा सिर्फ़ कृपा से नहीं। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
संसार
कत्ती* सूत भिगोकर लाई, बनिया ने मारी बट्टी**। बनिया कहे मैंने कत्ती लूटी, कत्ती कहे मैंने बनिया। प्रभात जैन की दादी जी * चरखे पर
परिग्रह / सामायिक
परिग्रह भी 4 प्रकार का – द्रव्य, क्षेत्र, काल (ये समय/ मौसम प्रिय) तथा भाव का। इसी अपेक्षा से सामायिक भी 4 प्रकार की। मुनि
आश्रम
राग से निवृत्ति के लिये ——–> वानप्रस्थ आश्रम। वीतरागता में प्रवृत्ति के लिये –> व्रती आश्रम।
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