आत्मा / परमात्मा

जब आत्मा और परमात्मा दोनों अंदर ही हैं तो उनके मिलने का रास्ता भी तो अंदर ही होगा न !

(मंजू रानीवाल)

Share this on...

4 Responses

  1. आत्मा/परमात्मा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए आत्मा को पहिचान करना परम आवश्यक है, इसके बाद परमात्मा बनने के लिए सभी विकारों को समाप्त करना परम आवश्यकता है।

    1. आत्मा ही तो परमात्मा बनती है, बाहर का शरीर थोड़े ही। आत्मा ही परमात्मा बनेगी तो आत्मा भी अंदर परमात्मा भी अंदर, बाहर तो शरीर है।गुरुजन इसीलिए तो कहते हैं, सोहम सोहम, मेरी आत्मा भी परमात्मा रूप ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

January 16, 2026

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31