Day: October 20, 2026
उच्च स्थान
October 20, 2026
आचार्य समन्तभद्र जी ने कहा है –> स्तवन (दूसरों के गुणों की प्रशंसा/ विनय) से उच्च कुल/ पद तथा कीर्ति मिलती है। निर्यापक मुनि श्री
आचार्य समन्तभद्र जी ने कहा है –> स्तवन (दूसरों के गुणों की प्रशंसा/ विनय) से उच्च कुल/ पद तथा कीर्ति मिलती है। निर्यापक मुनि श्री
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