Day: October 31, 2026
गुरु-महिमा
October 31, 2026
आचार्य श्री शांतिसागर जी के शिष्य मुनि श्री पायसागर जी (बाद में आचार्य बने), गृहस्थ अवस्था में सब व्यसनों में लिप्त रहते थे। आचार्यश्री के
दीनता
October 31, 2026
दीनता से कर्मबन्ध क्यों ? क्योंकि दीनता आत्मा का स्वभाव नहीं, विभाव में जाने से कर्मबन्ध तो होगा ही ! चिंतन
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