सिद्ध
गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी… एक बार सिद्ध बनने पर वापस कभी नहीं आ सकते हैं। जैसे घी कभी दूध नहीं बन सकता।
मुनि श्री योगसागर जी… किस अपेक्षा से आ सकते हैं ?
शौच जाते समय आचार्य श्री विद्यासागर जी ने यह चर्चा सुन ली।
लौटते में आचार्य श्री जी ने कहा –> सिद्ध तो नहीं आ सकते पर घी तो दूध, एक अपेक्षा से बन सकता है, यदि घी गाय को पिला दिया जाए तो।
निर्यापक मुनि श्री योगसागर जी



