Tag: मुनि श्री वीर सागर जी
बंधन
April 25, 2016
सांसारिक बंधन पुराने जूते जैसा होता है – पता ही नहीं लगता कि पैर जूते में फंसा है । पता तब लगता है जब जूता
मन
September 25, 2015
मन रूपी खेत में यदि अच्छे विचारों की फसल नहीं बोयी तो घास तो उगेगी ही । मुनि श्री वीर सागर जी
इच्छा
June 20, 2015
इच्छाओं को इच्छाशक्ति में परिवर्तित करना होगा । निर्यापक मुनि श्री वीरसागर जी
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