Tag: ड़ा. अमित

अच्छा इंसान

अच्छा इंसान फूल की तरह होता है, जिसे  हम छोड़ भी नहीं सकते और तोड़ भी नहीं सकते, तोड़ दिया तो मुरझा जायेगा और छोड़

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अच्छा/बुरा

हे ईश्वर हम अगर वो नहीं कर सकें जो आप चाहते हो, तो इतनी समझ जरूर देना कि हम वो भी ना करें जो आप

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विपत्ति

व्यक्ति को समझदार बनाने में, सम्पत्ति से ज्यादा विपत्ति का योगदान होता है । (ड़ा. अमित)

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संगति

सुअर के बच्चे, पैदायशी सुअर जैसे गंदे नहीं होते, दूसरे सुअरों के साथ रहकर बाद में गंदे हो जाते हैं । (ड़ा. अमित)

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क्रोध

क्रोध स्वंय के साथ संवाद समाप्त कर देता है। ड़ा. अमित

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मंगल आशीष

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