Tag: मुनि श्री योग सागर जी

ज्ञान

हम सब अपने ज्ञान का अनादर करते हैं। जैसे हम सब जानते हैं कि झूठ बोलना पाप है, फिर भी बोलते हैं। मुनि श्री योगसागर

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साधुता

कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना और कभी वह भी मना । मुनि श्री योगसागर जी

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साधु

कम खाना, कम सोचना, कम दुनिया से प्रीति। कम कहना मुख से वचन, यही साधू की रीति।। मुनि श्री योगसागर जी

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मंगल आशीष

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