उत्तम शौच

तत्त्वार्थ सूत्र अध्याय 4…
1) राहु दो होते हैं, एक नित्य राहु जो चंद्रमा में कलाओं के लिए कारण होता है। दूसरा अनित्य राहु जो ग्रहण में कारण।
2) चंद्रमा के दाग पूर्णमासियों में अलग-अलग दिखाई देंगे।
3) भोगभूमि में पुरुष का मरण छींक से होता है और स्त्रियों का जम्हाई से। निष्कर्ष निकला कि इस तरह इफेक्टिव आयु स्त्रियों की कुछ कम होती है।
4) सूत्र 36 में देवों की जघन्य आयु बताते समय नारकियों की भी बताई क्योंकि आचार्य भगवन क्लबिंग करते थे, अलग से एक सूत्र बनाना नहीं पड़ा।

मुनि श्री सौम्य सागर जी (तत्वार्थ सूत्र – 31 अगस्त)

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3 Responses

    1. सही पकड़े, जो कनेक्टेड पॉइंट्स थे वे जनरल में मॉर्निंग में आ गए। इनको मैं प्रिजर्व करना चाहता था इसलिए शाम की एंट्री में डाल दिया।

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