“जब कोई नहीं आता मेरे गुरुवर आते हैं,
मेरे दुःख के दिनों में वे बड़े काम आते हैं..”
पर हर समय तो गुरु रहते नहीं हैं ?
तब उनके उपदेश/ उनकी गाइडलाइन काम आती है।
सुख के दिनों में ?
सुख आया ही इसीलिए क्योंकि हम गुरु के बताए हुए रास्ते पर चल रहे थे।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 20 मई)
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गुरु शरण का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए गुरुओं की शरण में जाना परम आवश्यक है।
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गुरु शरण का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए गुरुओं की शरण में जाना परम आवश्यक है।