जिनके अंदर दृढ़ता होती है, वे ही देशव्रत/महाव्रत ले पाते हैं और उन्हें पाल पाते हैं।
पर यह भी देखा गया है कि कुछ लोग उतनी ही दृढ़ता से कषायों को पकड़े रहते हैं।
चिंतन
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द़ढ़ता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु देशव़त एवं महावृत में द़ढ़ता रखना परम आवश्यक है। जीवन में कषायो का भाव रखने से आत्मा कल्याण होना मुश्किल है।
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द़ढ़ता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु देशव़त एवं महावृत में द़ढ़ता रखना परम आवश्यक है। जीवन में कषायो का भाव रखने से आत्मा कल्याण होना मुश्किल है।