धोखे से कमाये गये धन को पुण्य में लगाने पर पुण्य उसको मिलेगा जिसको धोखा दिया गया था।
गुरु गोविन्द सिंह
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धोखा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धोखा देना पाप कहा जाता है, उससे बचना परम आवश्यक है। धोखा देकर कमाया धन को पुण्य में लगाना अनिवार्य है, अतः जिसको धोखा दिया गया है उसको भी कुछ भाग पुण्य मिलता है।
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धोखा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धोखा देना पाप कहा जाता है, उससे बचना परम आवश्यक है। धोखा देकर कमाया धन को पुण्य में लगाना अनिवार्य है, अतः जिसको धोखा दिया गया है उसको भी कुछ भाग पुण्य मिलता है।