Month: July 2026
धर्म बढ़ाना
सांसारिक कार्यों को करते हुए धर्म कैसे बढ़ायें ? धर्म है क्या ? वस्तु का स्वभाव ही धर्म है। सांसारिक क्रियाएँ करते हुए वस्तुओं (जीव,
कर भला हो भला
शिष्य… गुरुजी ! मकान की बहुत परेशानी है। कुछ तरकीब बताएँ। गुरु… एक घड़ा टेढ़ा करके पेड़ पर लटका दें। अगली साल तक एक मकान
कर्म वर्गणा
कर्म वर्गणायें एक रूप होती हैं। बंधने के बाद चार रूप… प्रकृति बंध…स्वभाव/ किस कर्म को बाधित करेगी जैसे बारिश जल सर्प मुख में विष
परेशानियाँ
शिष्य…”गुरु जी! बहुत परेशानियाँ है, नींद भी नहीं आती है, क्या करुँ ?” 100 ऊँट ले जा, जब सब बैठ जाएँ तब सो जाना। वह
सुखी-दु:खी
आगमानुसार जीव सुख-दु:ख का भोक्ता है। यह भी कहा… यदि सुखी-दु:खी माना तो मिथ्यात्वी! दोनों को कैसे घटित करें ? सम्यग्दृष्टि जीव भी सुख-दु:ख तो
स्व-पर कल्याण
आगरा मंदिर के युवा श्री अमित का संस्मरण… जब मैं 17-18 साल का था। मंदिर में एक बूढ़ी माताजी ने मुझसे कहा…”मुझे दिखाई नहीं देता।
पुद्गल परावर्तन
पुद्गल परावर्तन दो प्रकार… कर्म पुद्गल परावर्तन नोकर्म पुद्गल परावर्तन मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (तत्त्वार्थसूत्र – अध्याय 8)
मंगलाचरण
मंगलाचरण में 6 अधिकार (चीजें) होती हैं… जैसे द्रव्यसंग्रह के मंगलाचरण में… मंगल…जो पुण्य ले आए/ पापों को गलाये। यहाँ श्री ऋषभदेव भगवान का नाम।
विचार
सोते समय विचार ज्यादा आते हैं/ सताते हैं, ऐसा क्यों ? पूरे दिन चाबी भरोगे तो रात को अलार्म बजेगा ही। चीजों/ घटनाओं को ज्यादा
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