Month: July 2026
भगवान से संवाद
भगवान से भी तू-तू, मैं-मैं हो सकती है। जो तू है, वह मैं बन सकता हूँ, पर जो मैं हूँ वह तू नहीं बन सकता।
मोक्षमार्ग
पंचम काल का मोक्षमार्ग तो नर्सरी स्तर का है। कैसे ? शरीर पर मच्छर बैठते ही उड़ाने/ हटाने का भाव आ जाता है तो शेर
सुखों की बढ़ोतरी
संसार में सुख कम हैं/ कम समय के लिए आते हैं। बढ़ाने का उपाय ? माँ का पत्र आए, तुरंत ना खोलें; शुगर की बीमारी
रागद्वेष
(शुद्ध) आत्मा में तो रागद्वेष होता ही नहीं है। कर्म (वर्गणा) में भी नहीं, वे तो Neutral होती हैं, रागद्वेष उनमें हम भरते हैं। चिंतन
भगवान / गुरु
बच्चों को भगवान की “जय” कहलवाओ तो वह कह देता है “दै”। उसकी भाषा माँ ही समझ पाती है। भगवान की भाषा गुरु ही समझते
सम्यग्दर्शन
चरणानुयोग के अनुसार सम्यग्दृष्टि का संसार लगभग अनन्त। करुणानुयोग के अनुसार संसार बहुत थोड़ा सा, क्योंकि वह छटपटाता है। संसार कैसे भी छूटे ! निर्यापक
ज्ञान / क्रिया
ज्ञान / क्रिया… श्री आर.के.जैन (कलेक्टर) से पूछा –> आपके पास सबसे ज्यादा शिकायत कौन सी आती हैं ? पत्रकार.. “आप लोगों को समाज की
कर्म-फल
पुलिस जब सज़ा देती है तो दिखाई देती है तथा उनका डंडा भी, वेदना तो होती ही है। देवता दिखते नहीं सिर्फ डंडा दिखता है,
सम्बंध
मिट्टी सुंदर, पानी भी सुंदर, आपस में सम्बंध स्थापित करते ही असुंदर कीचड़। आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी (जब दो सुंदर वस्तुओं के संबंध का आउटपुट
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