नम्रता
बड़ों के प्रति नम्रता कर्तव्य है,
तो हम-उम्र के प्रति विनय की सूचक,
अनुजों के प्रति कुलीनता की द्योतक एवं सबके प्रति सुरक्षा है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
बड़ों के प्रति नम्रता कर्तव्य है,
तो हम-उम्र के प्रति विनय की सूचक,
अनुजों के प्रति कुलीनता की द्योतक एवं सबके प्रति सुरक्षा है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
2 Responses
नम़ता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए बडो़ के प़ति नम़ता का भाव, समकक्षों के साथ विनय होना एवं अनुजों के प़ति कुलीनता होना परम आवश्यक है।
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