नय

नय हमारे लिये।
अपराध स्थल से छोटे-छोटे सबूतों को जुटाकर केस सुलझाते हैं। लेकिन हमेशा सुलझा नहीं पाते हैं।
इसीलिये भगवान जब तक सर्वज्ञ नहीं होते, धर्मज्ञ नहीं होते (प्रवचन नहीं करते)।

ब्र. डॉ. नीलेश भैया

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3 Responses

  1. नय को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। नय के लिए भगवान् जब तक सर्वज्ञ नहीं होतें है, तब तक प़वचन भी नहीं करते हैं।

    1. भगवान को ज्ञान तो नय और प्रमाण दोनों का होता है पर तब तक वे बोलते नहीं जब तक प्रमाणिक ज्ञान ना आ जाए यानी केवलज्ञान

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