जीना और जाना तो निश्चित है।
कैसे जाना/ क्या करके जाना ताकि आगे का जीवन अच्छे से जी सकें, यह हमारे हाथ में है।
चिनाई में पुरानी ईंटें, नई ईंटों की दिशा और दशा निर्धारित करती हैं।
ब्र. (डॉ.) नीलेश भैया
Share this on...
4 Responses
जीना का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धर्म से जुड़ना आवश्यक है, ताकि अपनी आत्मा का हित होना परम आवश्यक है। धर्म से तात्पर्य भगवान्, गुरु, एवं जिनवाणी पर श्रद्बान करना परम आवश्यक है।
4 Responses
जीना का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धर्म से जुड़ना आवश्यक है, ताकि अपनी आत्मा का हित होना परम आवश्यक है। धर्म से तात्पर्य भगवान्, गुरु, एवं जिनवाणी पर श्रद्बान करना परम आवश्यक है।
Is post me ‘पुरानी ईंटें’ aur ‘नई ईंटों’ ka kya significance hai, please ?
क्या करके जाना पुरानी ईंट, आगे का इंतज़ाम नयी ईंट।
Okay.