नाम कर्म वर्गणायें

शरीर को Maintain करने के लिये भगवान वातावरण से शरीर नाम कर्म वर्गणायें लेते हैं ।
हम मुख्यत: यह काम कवलाहार से करते हैं ।
अपनी सामर्थ्यानुसार जो वर्गणायें वातावरण से ले सकते हैं, उन्हें भी नहीं लेते, इसका एहसास सुबह के वातावरण में टहलते समय/योग के समय होगा कि कितनी बड़ी चीज़ Miss कर रहे हैं ।

चिंतन

Share this on...

One Response

  1. नाम कर्म वर्गणायें का मतलब जिस कर्म के उदय से जीव देव,नारकी,तिर्यचं या मनुष्य की प्राप्ति होती है।यह नाना प्रकार की शरीर की रचना होती है। अतः उपरोक्त उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives

December 9, 2021

November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30