आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते थे… तीन उंगलियों (सम्यग् दर्शन ज्ञान चारित्र) को लिटा दो तो वह मोक्षमार्ग बन जाता है, खड़ा कर दो तो मोक्षमंज़िल (मोक्ष की सीढ़ियां)।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 2 मई)
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जीवन के कल्याण के लिए मोक्ष मार्ग की मंजिल पर चलने का प़यास करना परम आवश्यक है।
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जीवन के कल्याण के लिए मोक्ष मार्ग की मंजिल पर चलने का प़यास करना परम आवश्यक है।
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