मोह / व्यामोह
जैसे शराब पीना मोह, नशा चढ़ना व्यामोह।
मोह तो ज्ञानी को भी हो सकता है पर उसे व्यामोह नहीं होगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
जैसे शराब पीना मोह, नशा चढ़ना व्यामोह।
मोह तो ज्ञानी को भी हो सकता है पर उसे व्यामोह नहीं होगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी