दान
दान…
अकेले में दें तो गुप्त।
समारोह में बताकर ताकि औरों को प्रेरणा मिले, अनुमोदना करने का अवसर मिले और आप निमित्त बनें।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
दान…
अकेले में दें तो गुप्त।
समारोह में बताकर ताकि औरों को प्रेरणा मिले, अनुमोदना करने का अवसर मिले और आप निमित्त बनें।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
One Response
दान का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में दान गुप्त देना बुरा नहीं है, लेकिन बताकर दिया जाता है, उससे दूसरों को प्रेरणा मिलती है।दान की अनुमोदना करने वाले को भी कुछ हिस्सा पुण्य की प्राप्ति होती है।