रक्षा दिवस
आज के दिन को “रक्षा-दिवस” के रूप में मानना चाहिए क्योंकि आज 700 मुनिराजों के ऊपर घोर उपसर्ग को दूर करने के लिए मुनि विष्णु कुमार अपनी तपस्या को त्याग करके वात्सल्य भाव से मुनिराजों का उपसर्ग दूर करने आए थे।
हम वात्सल्य-दिवस को कैसे मनायें ?
ऑनलाइन शॉपिंग को कम करके, साधर्मीं भाइयों से सामान लेकर उनके प्रति अपना वात्सल्य दर्शायें।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 8 अगस्त)




One Response
रक्षा दिवस का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए त्याग एवं वात्सल्य भाव रखना परम आवश्यक है।