व्यक्तित्व
वर्तमान के क्रियाकलाप मेरे व्यक्तित्व का सही से निर्धारण नहीं कर सकते।
मैं क्या नहीं कर पा रहा हूँ, वह सही निर्धारण करेगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
वर्तमान के क्रियाकलाप मेरे व्यक्तित्व का सही से निर्धारण नहीं कर सकते।
मैं क्या नहीं कर पा रहा हूँ, वह सही निर्धारण करेगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
4 Responses
व्यक्तित्व को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए व्यक्तित्व बनाने के लिए धर्म से जुड़ना परम आवश्यक है। इसके अतिरिक्त वर्तमान के क़ियाकल्प से बचना आवश्यक है।
‘मैं क्या नहीं कर पा रहा हूँ, वह सही निर्धारण करेगा।’ Iska meaning thoda aur explain karenge, please ?
शिथलाचारी मुनिराज मुझसे बहुत ज्यादा तप और त्याग करते हैं लेकिन ये क्या उनका सही व्यक्तित्व है! क्योंकि उन्हें बहुत कुछ और करने की संभावना थी ।
Okay.