स्वाभिमान / अभिमान
स्वाभिमान के साथ जब अकड़ आ जाती है तब वह अभिमान का रूप ले लेता है।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (जिज्ञासा समाधान – 4.4.22)
स्वाभिमान के साथ जब अकड़ आ जाती है तब वह अभिमान का रूप ले लेता है।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (जिज्ञासा समाधान – 4.4.22)
One Response
स्वाभिमान एवं अभिमान को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अभिमान करना उचित नही होगा।