आनंद

“B” से “Birth”
और
“D” से “Death”
इन दोनों में से एक भी हमारे हाथ में नहीं है,
परन्तु
“B” और “D” के बीच में होता है “C”
“C” से “Choice”… ये हमारे हाथ में है,
जीवन कैसे जीना है, ये हमारे हाथ में है ।
“वर्तमान” को आनंद से जीओ,
“भूतकाल” को भूल जाओ,
“भविष्य”को कुदरत पर छोड़ दो ।

(सुरेश)

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One Response

  1. उपरोक्त कथन सत्य है कि जन्म मरण होता है लेकिन जीवन में आनंद नहीं लेते हैं। अतः जीवन में आनंद के लिए यह ध्यान रखना आवश्यक है कि जीवन कैसे जीना है,यह अपने ऊपर है कि वर्तमान में आनन्द से जीना है। भूतकाल में क्या हुआ उसको भूलना है और भविष्य के लिए कुदरत पर छोड़ना आवश्यक है। अतः जीवन में वर्तमान में धर्म का आश्रय लेकर जीना है, ताकि जीवन में आनंद मिल सकता है।

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