पुरुषार्थ
प्राय: लोग कहते हैं –> हम पुरुषार्थ नहीं कर सकते हैं। पर हम भूल जाते हैं कि मनुष्य गति, अच्छा कुल आदि पाने के लिये हमने कितने महान पुरुषार्थ किये होंगे!
मुनि श्री मंगलसागर जी
प्राय: लोग कहते हैं –> हम पुरुषार्थ नहीं कर सकते हैं। पर हम भूल जाते हैं कि मनुष्य गति, अच्छा कुल आदि पाने के लिये हमने कितने महान पुरुषार्थ किये होंगे!
मुनि श्री मंगलसागर जी
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One Response
पुरुषार्थ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। जो मनुष्य जीवन मिला है वह पुरुषार्थ के कारण मिला है।। अतः जीवन के कल्याण के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है।