आत्मा

आत्मा गुब्बारे जैसी है… जन्म के समय बिंदु के आकार की। कर्मों के अनुसार आकार बढ़ता तथा Shape लेता जाता है। जैसे गुब्बारे में हवा भरती जाती है, किसी की Shape आदमी की किसी की जानवर की।

चिंतन

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One Response

  1. जीवन के कल्याण हेतु आत्मा को जानना परम आवश्यक है। आत्मा ज्ञान, चेतना का आधार है, यदि जीवन में अच्छे कर्मों से उसका आकार नहीं बदलता है। अतः जीवन में आत्मा पर श्रद्बान करना परम आवश्यक है।यही आत्मा परमात्मा बन सकती है। इसके लिए जीवन में अपने दोषों को समाप्त करना परम आवश्यक है।

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