आयुबंध
पहले चिंतन किया था की आयु के निषेक कम होते होते वृद्धावस्था में इतने कम हो जाते हैं कि जरा सा झटका आते ही पूरे (बचे हुए) एक साथ झर जाते हैं।
प्रश्न : आयुबंध हो जाने पर ऐसा क्यों नहीं होता ?
आयु-बंध हो जाने पर बचे हुए निषेकों पर वज्रलेप जैसा हो जाता होगा। जैसा निधत्ति, निकाचित कर्मों के ऊपर हो जाता है।
चिंतन




2 Responses
आयुबंध का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।
Bahut hi innovative visualization hai !