खिड़की से 4 हाथ तक हरियाली दिखायी देती है,
जंगलों में 4 K.M.
आचार्य श्री विद्यासागर जी से एक वृद्ध ने शिकायत कि उन्हें दिखाई कम देता है!
आचार्य श्री…चार हाथ का तो दिखता है ?
हाँ
इससे ज्यादा क्यों देखना चाहते हो ?
क्या खिड़की से दिखती हरियाली पर्याप्त नहीं है !
चिंतन
Share this on...
3 Responses
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने चार हाथ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
चार हाथ और चार किलोमीटर तो आपस में शब्दों की सुंदरता के लिए डाला लेकिन भाव… कि तुमको क्या करना, चार हाथ की हरियाली देखो, 4 किलोमीटर की हरियाली तुम्हारे क्या काम की, क्यों देखना चाहते हो!
3 Responses
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने चार हाथ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
Is post me ‘जंगलों में 4 K.M.’ ka kya relevance hai, please ?
चार हाथ और चार किलोमीटर तो आपस में शब्दों की सुंदरता के लिए डाला लेकिन भाव… कि तुमको क्या करना, चार हाथ की हरियाली देखो, 4 किलोमीटर की हरियाली तुम्हारे क्या काम की, क्यों देखना चाहते हो!