आहार के लिये जाते समय पाँचों उंगलियों को मिलाकर (मुनि कंधे पर, ऐलक/ क्षुल्लक हाथ लटकाकर) क्यों जाते हैं ?
शायद इसलिये कि भोजन पाँचों उंगलियों को मिलाकर ही किया जाता है। तो यह आहार के लिये निकलने का प्रतीक है।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
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आहार मुद़ा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।
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आहार मुद़ा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।