राग से निवृत्ति के लिये… वानप्रस्थ आश्रम।
द्वेष से निवृत्ति के लिये… वृद्धाश्रम।
(वहाँ अपने को बनाये रखने के लिये द्वेष को कम करते करते समाप्त करना होता है)।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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4 Responses
आश्रम को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए वानप़स्थ, वृद्बाश्रम एवं साथ में वैराग्य की भावना रखना परम आवश्यकता है।
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आश्रम को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए वानप़स्थ, वृद्बाश्रम एवं साथ में वैराग्य की भावना रखना परम आवश्यकता है।
‘अपने को बनाये रखने’ ka meaning clarify karenge, please ?
वृद्धाश्रम में रहोगे, द्वेष रखोगे तो आप अपने को आश्रम में बनाये कैसे रख सकते हो ! अनुभव से फिर लगेगा कि द्वेष कम करना चाहिये
Okay.