उच्छवास/ Inhale – श्वास अंदर लेना।
प्राण/ अपान/ श्वास/ Exhale – बाहर निकालना।
श्वास अंदर लेते हैं तो बाहर भी निकालना ज़रूरी है, अन्यथा प्राण बाहर निकल जायेंगे। धर्म में निकालने को प्राण कहा है।
जितनी कमाई करो उसी के अनुपात में दान न होगा तो Balance कैसे होगा !
चिंतन
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कमाई एवं दान का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जितनी कमाई करते हो उसमें से दान देना परम आवश्यक है।
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कमाई एवं दान का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जितनी कमाई करते हो उसमें से दान देना परम आवश्यक है।