जैन साधु को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए साधु बनने के लिए पदयात्री एवं करपात्री होना परम आवश्यक है। Reply
जैन साधु को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए साधुओं को पदयात्री एवं करपात्री होना परम आवश्यक है। Reply
जैन साधु का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः साधुओं को पदयात्री एवं करपात्री होना परम आवश्यक है। Reply
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जैन साधु को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए साधु बनने के लिए पदयात्री एवं करपात्री होना परम आवश्यक है।
जैन साधु को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए साधुओं को पदयात्री एवं करपात्री होना परम आवश्यक है।
जैन साधु का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः साधुओं को पदयात्री एवं करपात्री होना परम आवश्यक है।