अन्य दर्शन… ईश्वर (अवतार) प्रेरित।
जैन दर्शन… चारित्र प्रेरित, सामान्य आदमी/ गुरु/ अरिहंत द्वारा।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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दर्शन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अंरिहत भगवान् एवं गुरुओं से जुड़ना परम आवश्यक है ताकि चारित्रवान बन सकते हैं।
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दर्शन को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अंरिहत भगवान् एवं गुरुओं से जुड़ना परम आवश्यक है ताकि चारित्रवान बन सकते हैं।