दही
क्या दही के जमने में बैक्टीरिया निमित्त बनते हैं क्योंकि माइक्रोस्कोप में चलते हुए दिखाई देते हैं ?
चल रहे हैं तो एकेंद्रिय कैसे हो सकते हैं ! यदि बहु-इंद्रिय हैं त़ो तय करना होगा कौन-कौनसी इंद्रियां हैं ! सिर्फ चलने से हम जीव कैसे मानें ! चूना और पानी मिलने पर भी मूवमेंट्स देखे जाते हैं ऐसा ही केमिकल रिएक्शन दही बनते समय होता है। जैन पद्धति से जमाये हुए दही में कोई जीव राशि नहीं होती। इसीलिए संलेखना के अंत समय में भी छाछ दी जाती है।
हाँ ! अन्य पद्धतियों से जमाये हुए या खट्टा हो जाने पर जीव राशि उत्पन्न होने लगती है।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 1 अक्टूबर)




One Response
दही का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए जैन पद्धति से जमाया दही का उपयोग करना परम आवश्यक है। खट्टा का उपयोग करना उचित नहीं है।