दुःख का कारण
सब मनुष्यों के जन्म, मरण तथा दुःख समान ही होते हैं।
दुःख समान कैसे ?
क्योंकि सबके दुःखों के कारण “भ्रम” ही होते हैं। जैसे सोते में समुद्र में डूबने से उभरने का उपाय…
जागना/ तत्व ज्ञान।
क्षु. सहजानंद जी (सुख यहाँ)
सब मनुष्यों के जन्म, मरण तथा दुःख समान ही होते हैं।
दुःख समान कैसे ?
क्योंकि सबके दुःखों के कारण “भ्रम” ही होते हैं। जैसे सोते में समुद्र में डूबने से उभरने का उपाय…
जागना/ तत्व ज्ञान।
क्षु. सहजानंद जी (सुख यहाँ)
One Response
दुःख का कारण का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए दुखों के लिए भ़म से बचना चाहिए एवं धर्म का आश्रय लेना परम आवश्यकता है।धर्म पर विश्वास एवं श्रद्बान रखना आवश्यक है।