दुआ / बद-दुआ

हमारे पुण्य कर्मों/ दुआओं का प्रभाव हमारे प्रियजनों पर होता है या नहीं ?
उनके दुःख से आप दुःखी होते हैं तो आपके पुण्य से वे सुखी न होंगे ?
हाँ ! उनके पापोदय की अधिकता में आपका पुण्य/ दुआएं प्रभावशाली नहीं होंगी।
ऐसा ही बद-दुआ में लगा लेना।

निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी

Share this on...

One Response

  1. दुआ/बद-दुआ का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु दुआ एवं बद-दुआ के चक्कर से बचना परम आवश्यक है। अतः जीवन में पापों से बचकर कर्म करना परम आवश्यक है, ताकि शुभ परिणाम मिल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

June 5, 2026

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930