मोटे पेट वाला व्यक्ति गोल्फ़ खेलने गया।
बॉल पास में रखी तो दिखी नहीं, दूर रखी तो वहाँ स्टिक पहुँचे नहीं।
हमारी भी दूर/ दूसरों की चीज़ों पर दृष्टि जाती है पर पहुँच नहीं।
पास/ अपने पास की चीज़ों पर दृष्टि पहुँचती नहीं। (क्योंकि पेट बड़ा है/ संचय ज्यादा है, सदुपयोग कम)।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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2 Responses
दृष्टि का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में अपनी दृष्टि दूसरों की ओर न रखकर अपने अन्दर झाकना परम आवश्यक है। जीवन में दृष्टि अपनी आत्मा का कल्याण करना परम आवश्यक है।
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दृष्टि का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में अपनी दृष्टि दूसरों की ओर न रखकर अपने अन्दर झाकना परम आवश्यक है। जीवन में दृष्टि अपनी आत्मा का कल्याण करना परम आवश्यक है।
Bahut hi relevant chintan hai !